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आखिर पत्रकार कौन? यूट्यूबर, फेसबुकिया या खबर की कसौटी पर खरा उतरने वालापत्रकारिता क्या है? बिजनेस, मिशन या सोशल मीडिया का तमाशा – जानिए नियम

On: August 23, 2026 8:40 AM
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हर कोई पत्रकार नहीं: जानिए पत्रकार की असली परिभाषा और कानून क्या कहता है

पत्रकारिता पर सवाल ही सवाल, हकीकत से अनजान है जमाना

मोबाइल है तो पत्रकार? नहीं, जानिए प्रेस काउंसिल और कानून की नजर में पत्रकार कौन है

आखिर पत्रकार कौन है? यूट्यूब-फेसबुक वाला या वो जो सच को सच कहे? जानिए कानून और परिभाषा

रामपुरा। आज हर गली-मोहल्ले में सवाल है – आखिर पत्रकार कौन है? क्या जिसके पास यूट्यूब चैनल है वो पत्रकार है? क्या फेसबुक, इंस्टाग्राम पर लाइव करने वाला पत्रकार है? सवाल बहुत हैं, पर हकीकत कोई नहीं जानता। आइए इसे नियम से समझते हैं।

पत्रकार की परिभाषा क्या है
भारत में पत्रकार की परिभाषा कोई भीड़ तय नहीं करती, कानून तय करता है।

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) और वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट 1955 के अनुसार:

पत्रकार वह व्यक्ति है जिसका मुख्य व्यवसाय समाचार पत्र, समाचार एजेंसी, न्यूज पोर्टल, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में समाचारों का संकलन, संपादन, लेखन, रिपोर्टिंग, फोटो पत्रकारिता करना हो और जिसकी आजीविका का मुख्य साधन पत्रकारिता हो

मतलब सिर्फ कैमरा उठा लेने या माइक लगा लेने से कोई पत्रकार नहीं बन जाता। पत्रकारिता एक निरंतर, पूर्णकालिक और जिम्मेदार व्यवसाय है।

क्या पत्रकारिता पर कोई कानून है
हां, पत्रकारिता बेलगाम नहीं है। इस पर कई कानून लागू होते हैं।

प्रेस एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ बुक्स एक्ट, 1867 और नया प्रेस एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ पीरियोडिकल्स एक्ट, 2023: बिना RNI / PRP एक्ट में रजिस्ट्रेशन के कोई भी अखबार/पत्रिका नहीं छाप सकता।
प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया एक्ट, 1978:पत्रकारिता की आचार संहिता तय करता है।

IT एक्ट 2000 और IT Rules 2021:यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम, न्यूज पोर्टल के लिए। फेक न्यूज, भ्रामक खबर, किसी की निजता का हनन करने पर सजा का प्रावधान।

भारतीय न्याय संहिता (BNS) धारा 353, 356:* मानहानि और फर्जी खबर फैलाने पर पत्रकार पर भी केस हो सकता है। पत्रकार को कानून से छूट नहीं है।

केबल टीवी नेटवर्क एक्ट 1995: बिना लाइसेंस के न्यूज चैनल नहीं चला सकते।

यूट्यूबर / सोशल मीडिया वाला पत्रकार है या नहीं
सरकार ने 2021 में साफ किया है।

अगर कोई व्यक्ति PIB / सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से मान्यता प्राप्त है, किसी रजिस्टर्ड मीडिया संस्थान में काम करता है, तो वो पत्रकार है।
यूट्यूब, फेसबुक पर काम करने वाला व्यक्ति *डिजिटल मीडिया क्रिएटर या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर है। उसे पत्रकार तभी माना जाएगा जब उसका प्लेटफॉर्म सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में रजिस्टर्ड हो और वो पत्रकारिता के मानकों का पालन करता हो।
सिर्फ वायरल वीडियो बनाना पत्रकारिता नहीं है।

पत्रकारिता बिजनेस है या मिशन
यही सबसे बड़ा सवाल है।

कानून की नजर में: पत्रकारिता एक पेशा (Profession) है, जैसे वकालत या डॉक्टरी।

संविधान की नजर में: पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। इसका काम सत्ता से सवाल करना और जनता की आवाज बनना है।
हकीकत में: आज पत्रकारिता में बिजनेस आ गया है। विज्ञापन, TRP, व्यूज का खेल है। लेकिन जो सिर्फ पैसे के लिए खबर को तोड़-मरोड़ दे, वो पत्रकार नहीं, खबर का व्यापारी है।

सच्ची पत्रकारिता आज भी मिशन है – बिना डरे सच कहना, बिना बिके सच लिखना।

निष्कर्ष: असली पत्रकार की 3 पहचान

वो खबर की पुष्टि करता है, अफवाह नहीं फैलाता।

उसके पास सोर्स होता है, सिर्फ स्क्रीनशॉट नहीं।

वो किसी का पक्ष नहीं, जनता का पक्ष लेता है।

मोबाइल सबके पास है, पर पत्रकारिता सबके बस की नहीं। पत्रकार बनने के लिए डिग्री नहीं, जमीर चाहिए

नोट आखिरी पंक्तियों पर ध्यान दें

लेकिन आज पत्रकार ही पत्रकार का दुश्मन बन बैठा है
जिसे कहते हैं घर का भेदी लंका ढाए
खुद सब कुछ कर ले कोई बात नहीं अगर दूसरा कर ले तो गांव में ढोल बजाते फिरता है वह रे चाटुकार पत्रकार 🤳

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