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सफलता की कहानीपीएम केयर्स योजना बनी इसरार के भविष्य का संबल10 लाख रुपये की सहायता से मिली आर्थिक सुरक्षा और आगे बढ़ने का विश्वास

On: September 2, 2026 10:23 AM
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नीमच, 2 सितम्बर 2026। कोरोना महामारी का कठिन दौर इसरार पठान के परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक रहा। कोरोना संक्रमण के दौरान उनके माता-पिता का निधन हो गया। इस कठिन परिस्थिति में इसरार के सामने भविष्य और पढ़ाई को लेकर कई चुनौतियां खड़ी हो गईं। ऐसे समय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की संवेदनशील पहल पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना उनके लिए सहारा बनी।
नीमच जिले की तहसील सिंगोली के ग्राम अलोरी गड़वाड़ा निवासी इसरार पठान वर्ष 2020 में कक्षा 10वीं में अध्ययनरत थे। कोरोना महामारी के दौरान वर्ष 2021 में उनके माता-पिता का निधन हो गया। इसके बाद योजना के तहत 18 वर्ष की आयु में उन्हें 10 लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई,जो 23 वर्ष की आयु पूर्ण करने के पश्चात उनके खाते में हस्तांतरित कर दी गई है।
इस राशि पर उन्हें हर माह 5 हजार रुपये से अधिक का ब्याज भी प्राप्त होता रहा। इससे उन्हें आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने, आगे की पढ़ाई जारी रखने और भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा का आधार मिला।

इसरार बताते हैं कि माता-पिता को खोने के बाद जीवन में आए कठिन दौर में पीएम केयर्स योजना से मिली सहायता उनके लिए बड़ा संबल बनी। आर्थिक सुरक्षा मिलने से उन्हें भविष्य को लेकर भरोसा मिला और आगे बढ़ने का अवसर मिला।

उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन समय में सरकार द्वारा उनके भविष्य की चिंता करते हुए दी गई सहायता ने उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का विश्वास दिया है।
माता-पिता के निधन से उपजे कठिन दौर में पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना इसरार के लिए उम्मीद और आर्थिक सुरक्षा का आधार बनी। योजना से मिले संबल ने उन्हें परिस्थितियों से उबरकर आत्मविश्वास के साथ बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने की राह दिखाई।

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