इसलिए किसान ने अपने खेत में गड्ढा खोदकर 5 लाख रुपए छिपा दिए. इस बारे में परिवार को भी नहीं बताया.
कुछ समय बाद जब एक कमरा बनाने के लिए पैसों की जरूरत हुई तो उन पैसों को बाहर निकालने का सोचा.
लेकिन तब तक किसान यह भूल चुके थे कि पैसा कहां गड़ा है. काफी दिनों तक खेत में जगह-जगह पैसे ढूंढे, लेकिन पैसे नहीं मिले.
फिर बरसात में खेत की बुवाई का काम शुरू हुआ. उसी दौरान पैसों की थैली बाहर आ गई.
इस थैली को खोलकर देखा तो किसान के होश उड़ गए. थैली में रखे 500-500 के नोट को दीमक खा चुके थे. अब सिर्फ नोटों के कुछ टुकड़े बचे थे.