रामपुरा, नीमच तहसील रामपुरा के ग्राम खिमला में ग्रीन को पावर प्लांट के पास बने डबल तलाव में इन दिनों हजारों क्विंटल मछलियों की मौत का मामला सामने आया है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों और मछुआरों ने बताया कि ग्रीन को कंपनी ने नदी पर पहले से ही एक बड़ा तलाव (जलाशय) बना रखा था। अब कंपनी ने उसके पास ही एक और दूसरा तलाव बना दिया।
जब दूसरे नए तलाव के लिए पहले वाले तलाव का पानी खाली किया गया, तो उसके अंदर से हजारों क्विंटल जिंदा और मरी हुई मछलियां बाहर निकल आईं। ये मछलियां तड़प-तड़प कर मर रही हैं और पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन हजारों क्विंटल मछलियों का जिम्मेदार कौन है यह मछलियां मत्स्य महासंघ की संपत्ति हैं और स्थानीय मछुआरों की रोजी-रोटी।
तालाब खाली करने से पहले मछलियों को निकालने का कोई प्रबंध नहीं किया गया।
मत्स्य महासंघ को सूचना दिए बिना ही पानी खाली किया गया।
हजारों क्विंटल मछली यूं ही नष्ट हो रही है, जिससे ठेकेदार और मछुआरों को लाखों का नुकसान हो रहा है।
नियम क्या कहता है?
मध्य प्रदेश मत्स्य महासंघ अनुबंध के अनुसार बिना महासंघ की अनुमति के तालाब का पानी खाली करना और मछलियों को नुकसान पहुंचाना दंडनीय है। दोषी कंपनी/व्यक्ति से हर्जाना वसूला जा सकता है।
कलेक्टर नीमच और मत्स्य महासंघ के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचकर मरी हुई मछलियों का पंचनामा करें।
ग्रीन को प्लांट प्रबंधन से मछलियों के नुकसान की भरपाई कराई जाए।
भविष्य में तालाब खाली करने से पहले मछलियों को सुरक्षित निकालने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए, नहीं तो गरीब मछुआरों का बड़ा नुकसान हो जाएगा।