आज एक ऐसे गांव की तस्वीर दिखाने जा रहा हूँ जिसे देखकर आप भी कहेंगे – क्या हम 2026 में जी रहे हैं?
सुनो सरकार, सोनडी के ग्रामीणों की पुकार – कब होगा गांव में विकास?
हम बात कर रहे हैं रामपुरा तहसील के चंबल किनारे बसे ग्राम सोनडी की।
इस गांव के ग्रामीण पिछले साढ़े चार साल से सिर्फ एक ही सवाल पूछ रहे हैं – हमारे गांव में विकास कब आएगा?
यहां सड़क के नाम पर सिर्फ कीचड़ है। गांव में जाने वाली मुख्य सड़क और शमशान जाने वाली सड़क पूरी तरह टूट चुकी है। घुटनों तक कीचड़ भरा हुआ है। ग्रामीणों का दर्द सुनिए – वो कह रहे हैं कि जब किसी की मौत होती है तो हम अंतिम यात्रा कैसे ले जाएं? कीचड़ में अर्थी को कंधा देना पड़ता है।
जिस कुएं से पूरा गांव पानी पीता है, उसकी हालत आप देखिए – बेहद खराब, गंदा। यही पानी पीने को मजबूर हैं ग्रामीण।
और शमशान की बात तो मत पूछिए। जहां अंतिम विदाई में शांति होनी चाहिए, वहां बड़ी-बड़ी झाड़ियां और गंदगी का अंबार लगा है।
ग्रामीणों का साफ कहना है – पिछले साढ़े चार साल में सोनडी में एक रुपये का विकास नहीं हुआ है। न सरपंच सुनता है, न सचिव।
मेरा प्रशासन से सवाल है – सोनडी के लोग क्या इस देश के नागरिक नहीं हैं? क्या उन्हें सड़क, पानी और सम्मान से अंतिम संस्कार का हक नहीं है?
कलेक्टर महोदय और जनपद CEO से निवेदन है कि एक बार सोनडी गांव में आकर इस कीचड़ भरी सड़क पर पैदल चलकर देखें।
अपडेट नीमच पत्रिका इस मुद्दे को लगातार उठाता रहेगा जब तक सोनडी को उसका हक नहीं मिल जाता।
आप भी इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिए ताकि सोनडी के ग्रामीणों की आवाज भोपाल तक पहुंचे।
– अजीमुल्ला खान, अपडेट नीमच पत्रिका, रामपुरा।